देहरादून । अखिल गढ़वाल सभा द्वारा उत्तराखण्ड कैथिग में चक्रव्यूह का मंचन हुआ। डॉ. डी.आर. पुरोहित एवं डॉ. सुशील पुरोहित के निर्देशन में प्रस्तुत चक्रव्यूह नाटक में महाभारत के चक्रव्यूह प्रसंग को आधार बनाकर अभिमन्यु के शौर्य, साहस, संघर्ष और अदम्य जिजीविषा को मंच पर साकार किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवादों और मंचीय अभिव्यक्ति के माध्यम से युद्ध की विभीषिका, मानवीय संवेदनाओं तथा जीवन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया। प्रस्तुति की विशेषता इसका सशक्त निर्देशन, कलाकारों का सामूहिक अभिनय, पारंपरिक वेशभूषा तथा संगीत का प्रभावशाली समन्वय रहा।
सायं को कौथिग स्थल पर उतराखण्ड के सुप्रसिद्ध गायकों द्वारा लोकगीत संध्या का उद्घाटन ग्राम्य विकास मन्त्री भरत सिंह चैधरी, एसआरएचयू के अध्यक्ष विजय धस्माना ने दीप जलाकर किया। अतुथियों का स्वागत अध्यक्ष रोशन धस्माना व महासचिव गजेंद्र भंडारी ने किया। ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ाने का और संरक्षण का अद्भुत प्रयास कर रही है। विजय धस्माना ने कहा कि सभा ने कौथिग के माध्यम से नई पीढ़ी को मंच दिया है व लोककला को भी संजीवनी प्रदान करी है। कार्यक्रम की शुरुआत लोकगायक दर्शन फर्स्वाण ने हे नंदा है गौरा गीत गा कर किया। साथ मे झावरी बाजलि गा कर माहौल को आनंदमय कर दिया। इसके बाद दीपा नगर कोटि ने भगवती देवभूमि मा वास और सटके लीगो दिल साथिया हं कर वह वाही लूटी। किशन महिपाल अपना नया हिट गीत जिया कोरी कोरी खांदो और फ्यूनलड़िया त्वे देखि की आन्दो यू मन मा गा कर दर्शकों को झूमा दिया। लोक गायिका हेमा करासी नेगी ने आन्छरी जागर से शरुआत करी और फिर अपना प्रसिद्ध गीत गिर गेंदुआ सुनाया। जौनसारी गायक नरेश बादशाह ने मुख्य लगी तेरी लगन हो देवा महासू महाराज से शुरुआत करके मेरी शिल्पा गा कर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
पुनः अगले सत्र में दर्शन फर्स्वाण ने झवारी बाजलि, रंगीली भाना और हिट म्यारा पहाड़ की प्रस्तुति दी कर पंडाल में ऊर्जा का संचार कर दिया। दीपा नगरकोटी ने नंदना हाथ कलम स्याही दवात और मोतिमा मदन सुनार गाया, किशन महिपाल ने स्याली भमपाली ,रानीखेत रामढोला और म्यार गांव मुनश्यारी प्रस्तुत किये तो पंडाल नाच उठा। हेमा करासी नेगी ने जाग नंदा, सोबनू और मेरी बामणी गा कर वातः वाही लूटी। नरेश बादशाह ने दर्शनी तेरी नजरों मा और हसीनो केलिनो गीतों से युवाओं को नचा दिया।
कार्यक्रम का समापन किशन महिपाल ने सोबनी बाना गा कर किया और पंडाल को झूमा दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता अजय जोशी ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव गजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, सहसचिव संतोष गौरोला, प्रवक्ता अजय जोशी के साथ कई संस्कृति कर्मी व साहित्यकर्मी भी उपस्थित रहे।
