बजट में एमएसएमई और दीर्घकालिक वित्तीय भागीदारी को मिले मजबूतीः संजीव बजाज

देहरादून । जैसे-जैसे देश केंद्रीय बजट 2026 की ओर बढ़ रहा है, नीतिगत फोकस घरेलू विश्वास को मजबूत करने पर बना रहना चाहिए। इसके लिए खर्च योग्य आय बढ़ाने और उपभोग आधारित विकास को समर्थन देना जरूरी है। यह बात बजाज कैपिटल के जॉइंट चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव बजाज ने कही। उन्होंने कहा, “सोची-समझी टैक्स राहत, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और नीतियों में स्थिरता से मांग को मजबूती मिल सकती है। साथ ही इससे लोग दीर्घकालिक बचत, निवेश और सुरक्षा जैसे वित्तीय फैसलों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे।”संजीव बजाज ने रिटायरमेंट की तैयारी को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल पेंशन सिस्टम जैसे दीर्घकालिक वित्तीय उत्पादों में अधिक लचीलापन, जागरूकता और प्रोत्साहन दिए जाने चाहिए, साथ ही बीमा की पहुंच बढ़ाने पर भी लगातार काम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम परिवारों की लंबी अवधि की वित्तीय मजबूती के लिए बेहद अहम हैं।
उन्होंने एमएसएमई सेक्टर के लिए समय पर और निरंतर क्रेडिट सपोर्ट को भी जरूरी बताया, जो रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, सरकार द्वारा पूंजीगत खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश से निवेश की गति बनी रहेगी और पूरे अर्थव्यवस्था में क्रेडिट की मांग को बल मिलेगा। संजीव बजाज ने यह भी कहा कि एक स्थिर और पारदशÊ नीतिगत माहौल घरेलू निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है और भारत को दीर्घकालिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा, “विकास के साथ-साथ जिम्मेदार कर्ज प्रथाओं और वित्तीय अनुशासन पर भी ध्यान देना जरूरी है, खासकर रिटेल क्रेडिट के क्षेत्र में, ताकि समावेशी और टिकाऊ वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।”