मुख्यमंत्री धामी ने आंदोलनकारी व समाजसेविका नजमा खान को रजत जयंती पर किया सम्मानित
देहरादून । उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सशक्तिकरण और राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान को सम्मानित किया। नजमा खान को यह सम्मान राज्य आंदोलनकारी होने के साथ-साथ उनके लंबे सामाजिक सरोकारों और महिला अधिकारों की दिशा में निरंतर किए गए संघर्ष के लिए दिया गया। राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि “नजमा खान जैसी महिलाओं ने उत्तराखंड के निर्माण और समाज के पुनर्गठन में मूक लेकिन अत्यंत प्रभावशाली भूमिका निभाई है। ऐसे कार्यकर्ताओं का योगदान राज्य के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा।”
नजमा खान लंबे समय से महिला अधिकार, शिक्षा, सामाजिक समानता और कमजोर वर्गों की बेहतरी के लिए सक्रिय रही हैं। उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने महिला मोर्चे को संगठित कर जनआंदोलन की आवाज को गाँव-गाँव तक पहुँचाया, और अनेक बार प्रशासनिक दमन के बावजूद आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रहीं। उनके नेतृत्व में महिलाओं ने सड़क से लेकर धरना स्थलों तक राज्य की मांग को बुलंद किया।
रजत जयंती सम्मान समारोह में उपस्थित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने नजमा खान के सम्मान पर गर्व व्यक्त किया। कार्यक्रम में यह भावना बार-बार झलकी कि “यदि उत्तराखंड आज अपनी अलग पहचान के साथ विकास की राह पर अग्रसर है, तो उसमें उन महिलाओं की त्याग-तपस्या की गहरी भूमिका रही है, जिन्होंने अपने साहस से परिवर्तन का इतिहास रचा।”
नजमा खान ने इस अवसर पर कहा, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं का है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए राज्य निर्माण का सपना साकार किया। मेरा प्रयास हमेशा रहेगा कि उत्तराखंड की हर बेटी शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बने।”
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर आंदोलनकारियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके परिवारों के कल्याण को नई योजनाओं की घोषणा का भी संकेत दिया।
